<span;>246वीं ऐतिहासिक सजीव कुप्पी युद्ध में पहले दिन रावण सेना जीती
कौशांबी जिले के दारानगर में आयोजित ऐतिहासिक कुप्पी युद्ध का पहला दिन विजयदशमी पर खेला गया। इस दिन परंपरा के मुताबिक रावण की सेना की जीत होती है। लगभग ढाई सौ साल से चली आ रही यह अनोखी परंपरा आज भी लोगों को आकर्षित करती है।
कड़ा धाम के पास दारानगर मैदान में 246वां ऐतिहासिक कुप्पी युद्ध धूमधाम से शुरू हुआ। विजयदशमी पर आयोजित इस सजीव युद्ध में राम और रावण की सेनाओं के 25-25 सेनानी शामिल होते हैं। दोनों दलों के योद्धा प्लास्टिक से बनी खास कुप्पियों से चार चरणों में एक-दूसरे पर वार करते हैं। हर चरण करीब 10 मिनट तक चलता है पहले दिन परंपरा के मुताबिक रावण सेना जीत दर्ज करती है। युद्ध के दौरान लक्ष्मण–मेघनाथ युद्ध, लक्ष्मण शक्ति लीला और सती सुलोचना जैसी रामलीला की लीलाएं भी मंचित होती हैं।
कुप्पी युद्ध दारानगर की रामलीला का सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है। अगले दिन राम की सेना की जीत होती है, जो सत्य की विजय का प्रतीक है। खास बात यह है कि युद्ध में घायल सेनानियों को रणभूमि की मिट्टी लगाई जाती है, जिसे औषधि माना जाता है। इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए दूर-दराज से लोग जुटते हैं। माना जाता है कि दारानगर कस्बे का नामकरण दारा शिकोह से जुड़ा है और उसी समय से यह परंपरा भी शुरू हुई थी।
