मां ने पैर पकड़े और पिता ने बेटी का गला काट दिया।
सोचिए, जिस बेटी को जन्म दिया, बचपन में गोद में लेकर दुलार करते रहे, पाल-पोस बड़ा किया, उसे अपने हाथों से मार डाला
वह कौन सी इज्जत थी जिसके लिए #प्रयागराज में घूरपुर के कांटी गांव में रहने वाले रमेश सोनकर और उसकी पत्नी संतोष देवी ने बेटी सरिता का बेरहमी से कत्ल कर दिया।
इज्जत तो प्यारी है पर क्या बेटी नहीं ….!
अगर बहक गई थी तो सँभाल सकते थे, अभी 15 साल ही तो उम्र थी, अब कौन सी इज्जत बढ़ गई जब हत्याकर जेल गए।
बेरहमी देखिए। पहले बेटी को खाने में नींद की गोलियां दी। वह बेहोश हो गई तो आधी रात मां-बाप बिस्तर से उठाकर घर से दूर ले गए, जन्म देने वाली मां ने पैर पकड़े, पिता ने चाकू से गला रेत दिया। आप क्या कहेंगे इनकी इस क्रूरता पर…?
अपनी बात जरूर कहिए।
DILIP GUPTA
