जनता मंतर के तर्ज पर बनाई गई है ये, सूर्य घड़ी 
यह प्रयागराज के भारद्वाज पार्क में लगी एक सूर्य घड़ी है. इसे जंतर-मंतर की तर्ज पर बनाया गया है, जो प्राचीन खगोलीय उपकरणों का एक बेहतरीन उदाहरण है. सूर्य घड़ी दिन के समय को मापने के लिए सूर्य की स्थिति का उपयोग करती है.
इस घड़ी में एक बड़ा गोलार्द्ध है, जो नारंगी रंग की टाइलों से बना है. यह सूर्य को दर्शाता है.
इसके चारों ओर अलग-अलग आकार के गोल पत्थर हैं, जो ग्रहों को दर्शाते हैं. इसके नीचे एक बड़ा डायल है, जिस पर घंटे और मिनट लिखे हैं. जब सूर्य की किरणें इस पर पड़ती हैं, तो इसका डायल समय को इंगित करता है.
इसके चारों ओर अलग-अलग आकार के गोल पत्थर हैं, जो ग्रहों को दर्शाते हैं. इसके नीचे एक बड़ा डायल है, जिस पर घंटे और मिनट लिखे हैं. जब सूर्य की किरणें इस पर पड़ती हैं, तो इसका डायल समय को इंगित करता है.यह सूर्य घड़ी सिर्फ समय बताने का एक उपकरण नहीं है, बल्कि यह विज्ञान और कला का एक अद्भुत संगम है, जो हमें प्राचीन भारतीय खगोल विज्ञान की याद दिलाता है. अगर आप कभी प्रयागराज जाएं, तो इसे देखना न भूलें! ♥️

