त्रिवेणी संगम में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लगाई आस्था की डुबकी, सनातन संस्कृति की भव्यता को किया नमन

त्रिवेणी संगम में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लगाई आस्था की डुबकी, सनातन संस्कृति की भव्यता को किया नमन प्रदेश…

महाकुम्भ की भव्यता एवं दिव्यता देख अभिभूत हुए सुनील शेट्टी

आज वाकई में मैंने गंगा नहा लियाः सुनील शेट्टी *महाकुम्भ की भव्यता एवं दिव्यता देख अभिभूत हुए सुनील शेट्टी* *औद्योगिक…

अमृत स्नान पर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह, अब तक 35 करोड़ ने लगाई डुबकी…

महाकुंभ: तीसरे अमृत स्नान पर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह, अब तक 35 करोड़ ने लगाई डुबकी… महाकुंभ में बसंत पंचमी…

महाकुम्भ पहुंचकर गृहमंत्री, बोले- ये एकता का महाकुम्भ*

महाकुम्भ पहुंचकर गृहमंत्री, बोले- ये एकता का महाकुम्भ* *अमित शाह ने एक्स पर लिखा, महाकुम्भ सनातन संस्कृति की अविरल धारा…

सीएम योगी ने मोरारी बापू और चिंदानंद से मुलाकात, के बाद मौनी अमावस्या की तैयारियों का लिया जायजा

सीएम योगी ने मोरारी बापू और चिंदानंद से मुलाकात, के बाद मौनी अमावस्या की तैयारियों का लिया जायजा मुख्यमंत्री योगी…

महाकुंभ 2025: अदाणी की ग्रीन गॉल्फ कार्ट 1.5 लाख श्रृद्धालुओं को घुमाएगी लगभग 1 लाख किलोमीटर

महाकुंभ 2025: अदाणी की ग्रीन गॉल्फ कार्ट 1.5 लाख श्रृद्धालुओं को घुमाएगी लगभग 1 लाख किलोमीटर कुंभ मेला पूरे जोरशोर…

> साध्वी हर्षा रिछारिया पर भड़के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती……संत महात्माओं के शाही रथ पर जगह दिया जाना उचित नहीं > महाकुंभ में चेहरे की सुंदरता मायने नहीं रखती, प्रयागराज के महाकुंभ में चर्चा का विषय बनी मॉडल और एंकर हर्षा रिछारिया को लेकर अब एक नया विवाद शुरू हो गया है. विवाद हर्षा को महाकुंभ के पहले अमृत स्नान में शामिल कराने और महामंडलेश्वर के शाही रथ पर बिठाए जाने को लेकर हुआ है. यह बाद ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बिल्कुल भी रास न आई. उन्होंने इसे लेकर सवाल उठाए हैं. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- महाकुंभ में इस तरह की परंपरा शुरू करना पूरी तरह गलत है. यह विकृत मानसिकता का नतीजा है. महाकुंभ में चेहरे की सुंदरता नहीं बल्कि हृदय की सुंदरता देख जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि जो अभी यह नहीं तय कर पाया है कि संन्यास की दीक्षा लेनी है या शादी करनी है, उसे संत महात्माओं के शाही रथ पर जगह दिया जाना उचित नहीं है. श्रद्धालु के तौर पर शामिल होती तब भी ठीक था, लेकिन भगवा कपड़े में शाही रथ पर बैठाना पूरी तरह गलत है. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन के प्रति समर्पण होना जरूरी होता है. महाकुंभ में चेहरे की खूबसूरती नहीं, बल्कि मन की खूबसूरती देखी जानी चाहिए थी. जिस तरह पुलिस की वर्दी सिर्फ पुलिस में भर्ती लोगों को मिलती है, इस तरह भगवा वस्त्र सिर्फ सन्यासियो को ही पहनने की अनुमति होती है.

साध्वी हर्षा रिछारिया पर भड़के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती……संत महात्माओं के शाही रथ पर जगह दिया जाना उचित नहीं महाकुंभ…

गाड़ियों के बंद होने से, श्रद्धालुओ को दो पहिया वाहनों से लोगों को छोड़ने पर, हुई जमकर वसूली।पुलिस ने 8 को किया गिरफ्तार

मकर संक्रांति पर बाइक पर बैठा के वसूले थे,200 से एक हजार रुपये Vandebharatnews24.in महाकुंभ। मकर संक्रांति पर दूरदराज से…

मकर संक्रांति पर सुबह करोड़ों श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई अमृत डुबकी

मकर संक्रांति पर सुबह करोड़ों श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई अमृत डुबकी महाकुम्भ के पहले अमृत स्नान में दिखा आस्था…