लगता है दोबारा नहाएंगे पवन पुत्र हनुमान
प्रयागराज के संगम में स्थित दक्खिन मुखी लेटे हुवे हनुमान जी की बड़ी कृपा है, प्रयागवासियो पर।
ऐसा मानता है की सारे तीर्थ बार बार प्रयागराज़ एक बार, यहां पर आने वाला हर श्रद्धालु संगम में स्नान करने के बाद अगर दक्खिन मुखी हनुमान जी के दर्शन नही किये तो पूजा अधूरी मानी जाती है। कियुकि यहां माँ गंगा हनुमान जी को बिना स्नान कराएं नही लौटती। 
और इस अद्भुत दर्शन के लिये सारा देश व्याकुल रहता है। चाहे वो मीडिया के माध्यम से, चाहे यहां के रहने वाले श्राद्धालु।
आपको बता दे की जहां हर तरफ बाढ़ से हाहाकार मचा होता है। वही प्रयागराज़ के संगम में उस पल का वेसब्री से इंतिजार रहता है कि कब बाढ़ आये और माँ गंगा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी माँ गंगा अपने प्रिय पुत्र हनुमान का जलाभिसेख करे। 
और इस पवित्र पल को देश विदेश को दर्शन कराने के लिए सारे पत्रकारों का मंदिर प्रांगड़ में ताता लगा रहता है।
जिस समय माँ गंगा अपने आँचल से ढक कर पुत्र पर स्नेह लुटाती है, उस समय मन्दिर में आरती, संख, ढोल नगाड़ों से पूरा संगम छेत्र गूंजने लगता है।
और हर तरफ बजरंगबली के जयकारे लगने लगते है, और पूजा आरती के उपरांत प्रसाद भी वितरण किया जाता है।
