माघ मेला 2026 में यातायात व्यवस्था को और सुगम बनाने के दृष्टिगत मंडलायुक्त तथा पुलिस कमिश्नर श्री की संयुक्त अध्यक्षता में ट्रैफिक मूवमेंट प्लान संबंधित बैठक संपन्न

माघ मेला 2026 में यातायात व्यवस्था को और सुगम बनाने के दृष्टिगत मंडलायुक्त तथा पुलिस कमिश्नर श्री की संयुक्त अध्यक्षता में ट्रैफिक मूवमेंट प्लान संबंधित बैठक संपन्न

*मण्डलायुक्त ने गूगल के अधिकारियों से वार्ता करते हुए माघ मेले के सभी प्रमुख मार्गों, स्नानघाटों, पार्किंग स्थलों, अन्य मुख्य स्थानों तथा डायवर्जन रूट्स को मेला अवधि में गूगल मैप में प्रदर्शित करने पर चर्चा की*

*मेला अवधि में जनपद की यातायात व्यवस्था और बेहतर करने हेतु टैक्सी एवं मिनी बसों को अधिक मात्रा में चलाने पर भी चर्चा*

*श्रद्धालुओं से नाविक अधिक दर ना लें यह सुनिश्चित करने के दृष्टिगत नाविकों से अपनी नावों पर अनुमन्य दर एवं हेल्पलाइन नंबर अनिवार्य रूप से प्रिंट करवाने के निर्देश*

*साइनेज व्यवस्था को और बेहतर करने के दृष्टिगत बनाई गई समिति द्वारा शहर एवं अन्य जनपदों से जुड़े मुख्य मार्गों पर गैप्स का चिन्हांकन करते हुए साइनेज लगवाने का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश*

माघ मेला 2026 में यातायात व्यवस्था को और सुगम बनाने के दृष्टिगत मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल तथा पुलिस कमिश्नर जोगिंदर सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में मेला प्राधिकरण कार्यालय स्थित आई ट्रिपल सी सभागार में पुलिस, परिवहन, मेला तथा जिला प्रशासन के सभी संबंधित अधिकारियों की ट्रैफिक मूवमेंट प्लान की बैठक संपन्न हुई जिसमें सर्वप्रथम मण्डलायुक्त ने गूगल के अधिकारियों से वार्ता करते हुए माघ मेले के सभी प्रमुख मार्गों, स्नानघाटों, पार्किंग स्थलों, अन्य मुख्य स्थानों तथा डायवर्जन रूट्स को मेला अवधि में गूगल मैप में प्रदर्शित करने पर चर्चा की। इस पर गूगल के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया की इस कार्य हेतु रोड मैनेजमेंट इनसाइट ( आरएमआई ) का प्रयोग किया जा सकता है एवं गूगल मैप्स की टीम मेला प्रशासन की टीम के साथ अग्रतर कार्रवाई हेतु शीघ्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेगी। रोड मैनेजमेंट इनसाइट ( आरएमआई ) गूगल मैप्स प्लेटफ़ॉर्म की एक सेवा है जो सड़क और ट्रैफ़िक प्रबंधन के लिए ट्रैफ़िक की गति, अवधि और भीड़भाड़ संबंधी डेटा प्रदान करती है।

मेला अवधि में जनपद की यातायात व्यवस्था और बेहतर करने हेतु टैक्सी एवं मिनी बसों को अधिक मात्रा में चलाने पर भी चर्चा की गई। मेला प्रशासन पहले ही टेंडर के माध्यम से ओला, ऊबर एवं रैपिडो जैसी कंपनियों को आबद्ध करने हेतु कार्य प्रारंभ कर चुका है।

पानी में डूबने की घटनाओं को रोकने के दृष्टिगत जल पुलिस द्वारा कराई जा रही व्यवस्था की जानकारी ली गई जिसपर संबंधित अधिकारियों ने अवगत कराया कि इस बार 40 गोताखोरों के साथ-साथ 6 सब स्टेशन बनाए जा रहे हैं। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की एक एक टीमें भी पेट्रोलिंग करते हुए सभी जगह सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेंगीं। श्रद्धालुओं से नाविक अधिक दर ना लें यह सुनिश्चित करने के दृष्टिगत लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को नाविकों से अपनी नावों पर अनुमन्य दर एवं हेल्पलाइन नंबर अनिवार्य रूप से प्रिंट करवाने के निर्देश दिए गए जिसे देखने के बाद ही वे टेस्टिंग सर्टिफिकेट जारी करेंगे। यदि कोई नाविक सर्टिफिकेट के बिना नाव चलाते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

साइनेज व्यवस्था को और बेहतर करने के दृष्टिगत बनाई गई समिति द्वारा शहर एवं अन्य जनपदों से जुड़े मुख्य मार्गों पर गैप्स का चिन्हांकन करते हुए साइनेज लगवाने का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त मेला क्षेत्र में आग की घटनाओं को रोकने अथवा घटनाएं होने पर उन्हें बुझाने का रिस्पॉन्स टाइम और कम करने के दृष्टिगत विभिन्न सेक्टरों में अग्निशमन गाड़ियों की संख्या बढ़ाने पर विचार करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में एडिशनल कमिश्नर पुलिस डॉ॰ अजयपाल, मेला अधिकारी ऋषिराज, पुलिस अधीक्षक मेला नीरज पांडेय, अपर मेला अधिकारी दयानंद प्रसाद तथा अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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